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“प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025”

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-जगमोहन सिंह बरहोक की कलम से

कुंभ मेला अब अंतिम दौर में पहुँच चुका है. सूत्रों के मुताबिक लगभग 60-65 करोड़ लोगों ने मेले की शोभा बढ़ाई है। यूँ इतना बड़ा समागम करना आसान नहीं होता। मुझे इलाहाबाद रहने का अवसर मिला है. मैं 1973 से 78 के दौरान वहाँ रहां हूँ उस वक़्त शहर शानदार हुआ करता था .कई नामी राजनेता ,लेखक ,शायर लोग वहां रहा करते थे. लेकिन बाद के वर्षों में विकास न होने के कारण पिछड़ गया. यूं आज भी जमीन का रेट वहां दूसरे शहरों से ज्यादा है। इस बीच अधिक विकास लखनऊ एवं वाराणसी में हुआ. लेकिन अब धीरे-धीरे फिर इलाहबाद में विकास हो रहा है, कुंभ मेले से और फर्क पड़ेगा। संगम घाट से लोग उस समय नाव पार सवार होकर उस पार जाया करते थे अब क्षेत्र काफी फैल चुका है .2007 में कुंभ मेले के बाद, एक शादी के सिलसिले में मैँ वहां गया था .नदियों पर एक नया पुल बना था। अब और तरक्की हुई होगी।

पिछले दिनों दिल्ली में कुंभ जाने वालों की भीड़ में भगदड़ मचने से कई लोगों की मृत्यु हो गई. इसमें किसी का सीधा दोष नहीं कहा जा सकता लोग संभवता मुफ़्त में जाने के लालच में भगवान् को प्यारे हो गये। ऐसे हादसे अक्सर हुआ करते हैं। लोग अभी तक समझ नहीं पाये। सूत्रों के मुताबिक भारतीय रेलवे ने इस भगदड़ के मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है.गंभीर रूप से घायल हर व्यक्ति को 2.5 लाख रुपये और घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. रेलवे ने इस घटना की जांच के लिए टीम का गठन कर दिया है. सूत्रों के अनुसार भगदड़ ग़लतफ़हमी के कारण हुई.

इन दिनों मेले को लेकर राजनीति भी खूब हुई। लोगों ने रोटियां भी सेंकी और बहती गंगा में डुबकी भी लगाई। आजकल कई अच्छी बड़ी बुरी खबरें भी सुनने में आ रही हैं .इतने बड़े हुजूम को संभालना आसान काम नहीं होता कुछ लोगों की भगदड़ में मृत्यु हुई है .2 बार आगज़नी की ख़बरें भी आई हैं . विसिटर्स से अधिक वसूलने की भी खबरें सुनने को मिली हैं। होटल्स के दाम कई गुना बड़े हैं .38% यात्रिओं ने 50 से 100 % महंगे हवाई टिकट लेने, 12 % ने100 से 200% , 25 % ने 300 % तक महंगे टिकट ख़रीदने का दावा किया। होटल ,लॉज, परिवहन, नाव के लिए 50 से 300 % अधिक दाम चुकाये गये। संसद में भी हवाई किराया अधिक लिये जाने का मुद्दा उठाया गया। दिल्ली चेन्नई कोलकाता से प्रयागराज के बीच 33000 से 50000 रुपये तक वसूले गये -बोट राइड 1000-3000 ,परांठा 300 और होटल 3000 से 5000 डेली के हिसाब में लिया गया।

अपराधी तत्व भी मौके का फ़ायदा उठाते हैं. पुलिस ने कुछ यूटुबर्स भी पकड़े हैं जो गलत उद्देश्य से स्नान करती लेडीज के फोटो उतार रहे थे -सोशल मीडिया के युग में ऐसी घटनाएं रोज़ सुनने देखने को मिलती हैं एवं सम्भवता ऐसी ही चीज़ें फेस बुक और गूगल द्वारा की जाने वाली अरबों की कमाई का स्रोत हैं.कुल मिलाकर करोड़ो श्रद्धालुओं ने कुंभ में हाज़िरी लगवायी। एक तरह से कुछ कमियों के बावज़ूद आयोजन सफल रहा जिन लोगों ने इस बाबत सुना था आँखों से सब देख लिया।

उल्लेखनीय है कि बड़ी संख्या में टूरिस्ट के आगमन से वित्तीय आय भी खूब हुई होगी जिसका लाभ सीधा राज्य को मिलेगा और उस राशि से शहर की तरक्की होगी दूसरा विश्व भर में प्रचार भी हुआ होगा जिसका लाभ आने वाले वर्षों में देखने को मिलेगा .धार्मिक लोगों के लिये इतना विशाल हुजूम देखना यादगार रहेगा- मतलब ‘आम के आम गुठलियों के दाम’ फिर पता नहीं इस जीवन में मौका मिले या ना मिले ?

कुम्भ मेले से प्राप्त सूत्रों के मुताबिक़ सभी प्रबन्ध शानदार थे.सुरक्षा व्यवस्था चुस्त -दुरुस्त थी। कई फ़िल्मी सितारों ने भी मेले में शिरकत की. राजनेता एवं बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी भी त्रिवेणी संगम पहँचे .नदियों के संगम के आधार पर शहर का नाम प्रयागराज किया गया .इलाहाबाद में देखने वाली भी कुछ जगह हैं मसलन सिविल- लाइन्स, इलाहाबाद यूनीवर्सिटी , हाई कोर्ट, नैनी सेंट्रल जेल, इलाहाबाद फोर्ट आदि। यहाँ से आप वाराणसी खजुराहो भी जा सकते हैं.

Jagmohan Singh Barhok

Leading Film , Fashion ,Sports & Crime Journalist Up North. Active Since 1971.Retired Bank Officer. Contributed more than 7000 articles worldwide in English, Hindi & Punjabi languages on various topics of interesting & informative nature including people, places, cultures, religions & monuments. Ardent Music lover.

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